उत्तराधिकार  के  मामलों  में  नामान्तरण-

(1) उत्तराधिकार द्वारा किसी भूमि पर कब्जा प्राप्त करने वाला प्रत्येक  व्यक्ति  उस  हलके  के,  जिसमें  भूमि  स्थित  है,  राजस्व  निरीक्षक  को  ऐसे  उत्तराधिकार  के  संबंध  में
यथाविहित प्रपत्र में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(2)  उपधारा  (1)  के  अधीन  रिपोर्ट  प्राप्त  करने  पर  या  उसके  संज्ञान  में  अन्यथा  तथ्य  आने  पर  राजस्व निरीक्षक-
(क)  यदि  मामला  विवादग्रस्त  नहीं  है  तो  ऐसे  उत्तराधिकार  को  अधिकार  अभिलेख  (खतौनी)  में अभिलिखित करेगा ;
(ख) किसी अन्य मामले में ऐसी जांच करेगा जैसी उसे आवश्यक प्रतीत हो और वह अपनी रिपोर्ट तहसीलदार को प्रस्तुत करेगा ;
(3)  कोई व्यक्ति जिसका नाम राजस्व निरीक्षक द्वारा अभिलिखित न किया गया हो या जो उपधारा  (2)  के खण्ड (क) या (ख) के अधीन राजस्व निरीक्षक द्वारा पारित किए गए आदेश द्वारा व्यथित हो, वह तहसीलदार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
(4) इस धारा के उपबन्ध यथावश्यक परिवर्तन सहित ऐसे प्रत्येक व्यक्ति पर लागू होंगे जिसे इस संहिता के
उपबन्धों  या  इसके  द्वारा  निरसित  किसी  अधिनियमन  के  अनुसार  भूमि  प्रबन्धक  समिति  द्वारा  असंक्रमणीय अधिकारयुक्त या असामी स्वीकार किया गया हो।