अन्तरण  या अन्तरण  मामलों  में  नामान्तरण-

(1)  धारा  33  या  धारा  34  के  अधीन  किसी  रिपोर्ट  या  तथ्य  की जानकारी  प्राप्त  होने  पर  तहसीलदार  एक  उद्घोषणा  जारी  करेगा  और  ऐसी  जांच  करेगा  जैसी  आवश्यक प्रतीत हो, और-
(क) यदि मामला विवादित नहीं है तो वह अधिकार अभिलेख (खतौनी) को तदनुसार संशोधित करने का निदेश देगा;
(ख) ‘निरसित’
(ग)  यदि  मामला  विवादित  है  तो  वह  विवाद  का  निपटारा  करेगा  और  अधिकार  अभिलेख  (खतौनी) को तदनुसार, यदि आवश्यक हो, संशोधित करने का निदेश देगा।
(2)  उपधारा  (1)  के  अधीन  तहसीलदार  के  आदेश  से  व्यथित  कोई  व्यक्ति,  ऐसे  आदेश  के  दिनांक  से  तीस दिन के भीतर उप ज़िलाधिकारी को अपील कर सकता है।