अन्तरण की सूचना और भू-राजस्व जमा करना-
(1) धारा 34 में किसी बात के होते हुए भी, जहां भूमि पर किसी हक या भार को बनाने, समनुदेशित करने या निर्वापित करने के लिए या जिसके सम्बन्ध में अधिकार अभिलेख (खतौनी) बनाने के लिए तात्पर्यित कोई दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 के अधीन रजिस्ट्रीकृत कराया गया है, तो रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, उस तहसीलदार को, जिसकी अधिकारिता में वह भूमि स्थित है, ऐसे प्रपत्र में और ऐसी समय सीमा में, जैसी विहित की जाए, सूचना भेजेगा।
(2) इस अध्याय में किसी बात के होते हुए भी, धारा 32 के अधीन अभिलेखों के सुधार के लिए कोई आदेश और धारा 33 के अधीन उत्तराधिकार अभिलिखित करने के लिए कोई आदेश और धारा 35 के अधीन अधिकार अभिलेख (खतौनी) में कोई संशोधन और धारा 38 के अधीन कोई सुधार तब तक अभिलिखित नहीं किया जायेगा जब तक कि उस भूमि, जिससे ऐसा आदेश संबंधित है, के सम्बन्ध में अद्यतन देय भू-राजस्व की धनराशि जमा न कर दी जाये।