प्रविष्टियों के सम्बन्ध में उपधारणा-
इस संहिता के उपबन्धों के अनुसार तैयार किये गये अधिकारअभिलेख (खतौनी) में सभी प्रविष्टियां सत्य उपधारित की जायेंगी जब तक कि इसके विरूद्ध साबित न हो जाय।