विक्रय का प्रमाण-पत्र-

(1) धारा 194 के अनुसार किसी विक्रय की पुष्टि के पश्चात् कलेक्टर, विक्रय की गयी सम्पत्ति और ऐसे व्यक्ति का नाम, जिसे विक्रय के समय क्रेता घोषित किया गया था, विनिर्दिष्ट करते हुए विहित प्रपत्र में क्रेता को एक प्रमाण-पत्र प्रदान करेगा।
(2) कलेक्टर द्वारा सम्यक् रूप से हस्ताक्षरित और मुहर लगाया गया प्रमाण पत्र उसमें विनिर्दिष्ट सम्पत्ति का विधिक  अन्तरण  समझा  जायेगा और  रजिस्ट्रीकरण  अधिनियम, 1908  की  धारा  89  में  उपबन्धित के सिवाय इसको हस्तांतरण के रूप में रजिस्ट्रीकृत करना आवश्यक नहीं होगा।
(3)  प्रमाण-पत्र  में  विनिर्दिष्ट  सम्पत्ति  क्रेता  में  उस  दिनांक  से,  जब  उसका  विक्रय  किया  गया  हो,  निहित समझी जायेगी और ऐसे दिनांक से नहीं जब विक्रय की पुष्टि की गयी हो।