परिषद की पुनर्विलोकन की शक्ति-
(1) परिषद स्वप्रेरणा से या हितबद्व किसी पक्षकार के प्रार्थना-पत्र पर अपने द्वारा पारित आदेश का पुनर्विलोकन कर सकता है और इस सम्बन्ध में ऐसा आदेश पारित कर सकता है जिसे वह ठीक समझे।
(2) निम्नलिखित आधारों के सिवाय, किसी आदेश का उपधारा (1) के अधीन पुनर्विलोकन नहीं किया जायेगाः-
(क) किसी नयी और महत्वपूर्ण मामला या साक्ष्य की खोज;
(ख) अभिलेखों को देखने से ही प्रकट कोई गलती या त्रुटि;
(ग) कोई अन्य पर्याप्त कारण।
(3) पुनर्विलोकन पर पारित आदेश पुनर्विलोकित नहीं किया जायेगा।
(4) उपधारा (1) के अन्तर्गत किसी आदेश के पुनर्विलोकन का प्रार्थना पत्र ऐसे आदेश के दिनांक से साठ दिनों के भीतर दाखिल किया जा सकता है।