कठिनाइयां दूर  करने की शक्ति-

(1) राज्य सरकार, किसी कठिनाई को दूर करने के प्रयोजन के लिए, विशेष रूप से इस संहिता द्वारा निरसित अधिनियमनों के उपबन्धों से इस संहिता के उपबन्धों के संक्रमण के सम्बन्ध में, अधिसूचित  आदेश  द्वारा, निदेश  दे सकती  है  कि इस संहिता के  उपबन्ध,  ऐसी अवधि  में  जैसा आदेश में विनिर्दिष्ट की जाय, ऐसे अनुकूलनों (चाहे वे उपान्तरों, परिवर्द्धनों या लोप के रूप में हों) के अधीन रहते हुए, जिन्हें वह आवश्यक समझे, प्रभावी होंगेः
परन्तु इस संहिता के प्रारम्भ के दिनांक से दो वर्ष पश्चात्, कोई ऐसा आदेश नहीं किया जायेगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश, दिए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र राज्य विधान मण्डल के दोनों सदनों के समक्ष रखा जाएगा।
(3)उपधारा (1) के अधीन किसी आदेश पर किसी न्यायालय में इस आधार पर आपत्ति नहीं की जायेगी कि उक्त उपधारा में निर्दिष्ट कोई कठिनाई विद्यमान नहीं थी या उसे दूर करना अपेक्षित नहीं था।