सिविल न्यायालय के क्षेत्राधिकार से बाहर के विषय-

1.सीमाओं के अभ्यंकन या सीमा चिह्नों को नियत करने से सम्बन्धित कोई प्रश्न।
2.आबादी के अवधारण के लिए कलेक्टर द्वारा लिए गए किसी निर्णय पर आक्षेप करने का कोई दावा।
3.किसी राजस्व अभिलेख में कोई प्रविष्टि किए जाने या किसी ऐसी प्रविष्टि को निकालने, उपान्तरित या प्रतिस्थापित किए जाने का कोई दावा।
4.भू-राजस्व या लगान के निर्धारण, माफी या निलंबन से सम्बन्धित कोई प्रश्न।
 
5.राज्य सरकार द्वारा संग्रह या भू-राजस्व की वसूली के लिए ऐसी सरकार द्वारा किसी प्रक्रिया के प्रवर्तन
या इस संहिता के अधीन भू-राजस्व के बकाये के रूप में वसूली योग्य किसी धनराशि या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि से सम्बन्धित या उससे उत्पन्न होने वाला कोई दावा।
6.राज्य सरकार, ग्राम पंचायत या अन्य स्थानीय प्राधिकरण में इस संहिता के अधीन किसी सम्पत्ति किसी सम्पत्ति के निहित होने के विरूद्ध कोई दावा।
7.इस संहिता के अधीन कोई जुर्माना, लगान, व्यय प्रभार, शास्ति या मुआवजा के उद्ग्रहण या अधिरोपण से सम्बन्धित कोई प्रश्न।
8.किसी भूमि से सदोष बेदखल या बेकब्जा किए गए किसी भूमिधर या असामी के पुनःस्थापन से सम्बन्धित कोई प्रश्न।
9.इस संहिता के अधीन नियुक्त किसी राजस्व अधिकारी पर इस संहिता द्वारा अधिरोपित किसी कर्तव्य का अनुपालन करने के लिए विवश करने का कोई दावा।
10.अध्याय दो के अधीन राजस्व क्षेत्रों और लेखपाल सक्रिल के विभाजन, सृजन, समामेलन, समाप्ति या पुनः समायोजन से सम्बन्धित कोई प्रश्न।
11.धारा  64  या  धारा  125  में  उल्लिखित भूमि के  आबंटन  या  ऐसे  आबंटन  को  रद्द  किए जाने से सम्बन्धित
कोई प्रश्न।
12.धारा 71 के अधीन कलेक्टर द्वारा जारी किए गए निदेश पर आक्षेप करने वाला कोई दावा।
13.धारा 124 में उल्लिखित किसी भूमि और उसके भाग पर कब्जा दिए जाने या धारा 134 या धारा 201 के
अधीन किसी व्यक्ति को बेदखल किए जाने पर आक्षेप करने वाला कोई दावा।
14.अध्याय ग्यारह के अधीन राज्य सरकार द्वारा दिए गए किसी आदेश की विधि मान्यता पर आक्षेप करने वाला कोई दावा।
15.किसी भूमि पर कब्जा से सम्बन्धित कोई दावा।
16.किसी भूमि के सम्बन्ध में सह-भू-धृतिधारक के अधिकारों को सिद्ध करने विषयक कोई दावा।